skip to main
|
skip to sidebar
sukun
Thursday, 13 January 2011
पहले निकला करते थे ,
बालकोनी में,
चाँद देखने को,
पर आजकल चाँद नही दिखता,
लगता है वो चाँद बदल गया,
या फिर,
आजकल वो,
किसी और की बालकनी से दिखता है...
Home
Subscribe to:
Posts (Atom)
Followers
Blog Archive
▼
2011
(1)
▼
January
(1)
पहले निकला करते थे ,बालकोनी में,चाँद देखने को,पर आ...
About Me
Sarv Esh Nehra
dream guru....(a dictionary of dreams)
View my complete profile